QAAFIRANA LYRICS – Kedarnath | Arijit Singh

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QAAFIRANA LYRICS - Kedarnath | Arijit Singh
QAAFIRANA LYRICS - Kedarnath | Arijit Singh

Qaafirana Lyrics – Kedarnath: The song is sung by Arijit Singh & Nikhita Gandhi. The song is from Abhishek Kapoor’s Kedarnath starring Sushant Singh Rajput and Sara Ali Khan. Qaafirana Song is composed by Amit Trivedi while Kafirana Lyrics are written by Amitabh Bhattacharya.

Qaafirana Song Details:

Singers: Arijit Singh & Nikhita Gandhi
Movie: Kedarnath
Music: Amit Trivedi
Lyrics: Amitabh Bhattacharya
Label: Zee Music Company

Qaafirana Video Song | Kedarnath | Sushant Rajput | Sara Ali Khan

Qaafirana Lyrics:

In vaadiyon mein
Takra chuke hain
Humse musafir
Yun toh kayi

Dil na lagaya
Humne kisi se
Qisse sune hain
Yun toh kayi

Aise tum mile ho
Aise tum mile ho
Jaise mil rahi ho
Itr se havaa.. ..

Qaafirana sa hai
Ishq hai ya kya hai

Aise tum mile ho
Aise tum mile ho
Jaise mil rahi ho
Itr se havaa.. ..

Qaafirana sa hai
Ishq hai ya kya hai

Godi mein pahadiyon ki
Ujli dopheri guzaarna
Tere saath mein..
Accha lage..

Dhalti huyi sham ne
Bataya hai ke door manzil pe
Raat Hai..

Mujhko tasalli hai yeh
Ke hone talak raat
Hum dono saath hai ..

Sang chal rahe hai
Sang chal rahe hai
Dhoop ke kinare
Chaaon ki tarah

Qaafirana sa hai
Ishq hai ya kya hai

Aise tum mile ho
Aise tum mile ho
Jaise mil rahi ho

Itr se havaa.. ..

Qaafirana sa hai
Ishq hai ya kya hai

Qaafirana Lyrics in Hindi

इन वादियों में टकरा चुके हैं
हमसे मुसाफ़िर यूँ तो कई
दिल ना लगाया हमने किसी से
किस्से सुने हैं यूँ तो कई
ऐसे तुम मिले हो
ऐसे तुम मिले हो
जैसे मिल रही हो
इत्र से हवा
काफ़िराना सा है
इश्क है या क्या है

ऐसे तुम मिले हो
ऐसे तुम मिले हो
जैसे मिल रही हो
इत्र से हवा
काफ़िराना सा है
इश्क है या क्या है

ख़ामोशियों में बोली तुम्हारी
कुछ इस तरह गूंजती है
कानो से मेरे होते हुए वो
दिल का पता ढूंढती है

बेस्वादियों में, बेस्वादियों में
जैसे मिल रहा हो कोई ज़ायका

काफ़िराना सा है
इश्क है या क्या है

ऐसे तुम मिले हो
ऐसे तुम मिले हो
जैसे मिल रही हो
इत्र से हवा
काफ़िराना सा है
इश्क हैं या क्या है

ला ला ला ला..
आहा हा आहा..

गोदी में पहाड़ियों की
उजली दोपहरी गुज़रना
हाय हाय तेरे साथ में
अच्छा लगे..

शर्मीली अंखियों से
तेरा मेरी नज़रें उतरना
हाय हाय हर बात पे
अच्छा लगे..

ढलती हुई शाम ने
बताया है की
दूर मंजिल पे रात है

मुझको तसल्ली है ये
के होने तलक रात
हम दोनों साथ है

संग चल रहे हैं
संग चल रहे हैं
धुप के किनारे
छाव की तरह..

काफ़िराना सा है
इश्क हैं या क्या है

हम्म.. ऐसे तुम मिले हो
ऐसे तुम मिले हो
जैसे मिल रही हो
इत्र से हवा
काफ़िराना सा है
इश्क हैं या क्या है

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